गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली। ‘पेगासस’ जासूसी के मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत की और कहा कि ‘पेगासस’ को लोग एक साफ्टवेयर, जासूसी प्रोग्राम मानते है पर इजराइल सरकार इसे हथियार के रुप मे दर्शाती है जिसका उपयोग अपराधीयों और आंतकवाद के खिलाफ किया जाता है और हमारे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इसका उपयोग भारत के संविधान, देश के संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ किया है।
‘पेगासस’ क्या है
इसराइल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने ‘पेगासस’ को बनाया है जिसका इस्तेमाल अपराध और आंतकवाद के खिलाफ किया जाता है। कई देशों द्वारा ‘पेगासस’ खरीद की बात सामने आई है। एनएसओ का कहना है कि वह यह साफ्टवेयर केवल सरकार को ही बेचते है। बांग्लादेश, मेक्सिको,सऊदी अरब की सरकार पर इसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे है। भारत मे अभी तक आधिकारिक तौर पर यह सामने नहीं आया है कि सरकार ने एनएसओ से ‘पेगासस’ खरीदा है या नहीं जबकि ‘पेगासस’ की लिस्ट मे भारत के विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, सरकारी अधिकारियों और उधोग जगत के कई लोगों के नाम शामिल है जिनके फोन को हैक करने की बात कही गई थी।
‘पेगासस’ कैसे काम करता है
‘पेगासस’ को अगर किसी स्मार्टफोन मे डाल दिया जाए तो उस स्मार्टफोन का कैमरा, लोकेशन, ईमेल, मेसेज, माइक्रोफोन, ऑडियो को एस्सेस किया जा सकता है। यानि स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की तमामा जानकारी कंपनी तक पहुँच जाती है। पेगासस के जरिए एन्क्रिप्टेड संदेशों को पढ़ा जा सकता है यानि उस व्यक्ति के फ़ोन से जुड़ी सारी जानकारियां मिल सकती हैं।
भारत में कौन निशाने पर थे
फॉरबिडेन स्टोरीज जो फ्रांस की संस्था है, ने ‘पेगासस’ स्पायवेयर के 50 हजार से ज्यादा नंबरों की सूची प्राप्त की जो लीक हुई थी। जिसे दुनिया के 17 मीडिया संस्थानों के साथ शेयर किया। इस सूची में शामिल कुछ नंबरों की फॉरेंसिक जांच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की और पाया कि ‘पेगासस’ स्पायवेयर से हमला किया गया था।
भारत मे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राफेल स्टोरी कवर करने वाले पत्रकार, सीबीआई पूर्व निदेशक आलोक वर्मा, राकेश अस्थाना और एके शर्मा तथा उनके परिजनों के नंबर, अनिल अंबानी और उनके रिलायंस समूह के एक अधिकारी ,चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर, कश्मीरी पत्रकार और जम्मू-कश्मीर के नेता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी , पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद पटेल सहित कई महत्वपूर्ण लोगों के नाम शामिल है।
विपक्ष हुआ आक्रमक
संसद के मौजूदा सत्र मे ‘पेगासस’ विवाद से जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने देश के गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग की और इसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे जांच करवाने की मांग की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि, ‘पेगासस’ के जरिए राफेल जांच प्रभावित की गई और अगर भारत सरकार ने यह जासूसी नहीं कि तो इस बात की जांच होनी चाहिए की आखिर किस देश की सरकार ने जासूसी की क्योंकि इसराइल की कंपनी ने कहा है कि वह ‘पेगासस’ सिर्फ सरकारों को ही बेचती है।
भारत सरकार अभी तक विपक्ष के तमाम आरोपों व ‘पेगासस’ जासूसी से इंकार कर रही है।