असम- मिज़ोरम सीमा संघर्ष में असम पुलिस के 6 जवानों की मौत

नई दिल्ली,27 जुलाई। देश के दो राज्यों, अमस और मिज़ोरम की पुलिस के बीच सीमा संघर्ष में असम पुलिस के 6 जवानों की मौत हो गई। 26 जुलाई, सोमवार को, असम और मिज़ोरम सीमा पर सुरक्षा बलों और आम नागरिकों के बीच झड़प हुई थी जिसके बाद फायरिंग शुरू हो गई।  

मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथांगा ने इस पूरी घटना को दुखद बताया और इस संघर्ष के बारे में कहा कि, यह संधर्ष तब शुरु हुआ जब रविवार यानि 25 जुलाई को कछार ज़िले की एक सीआरपीएफ़ पोस्ट में आसाम पुलिस के करीब 200 पुलिसकर्मी पहुंचे और इन्होनें मिज़ोरम पुलिस और वहां के स्थानीय लोगों पर बल प्रयोग किया, जिसके कारण स्थानीय लोग जमा हो गए और पुलिस ने इन लोगों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। उसके बाद आसाम पुलिस की ओर से फ़ायरिंग की गई जिसके जवाब मे मिज़ोरम पुलिस ने जवाबी कार्रवाही की।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने ट्विटर पर लिखते हुए कहा कि मैं पीड़ा के साथ जानकारी दे रहा हूँ कि असम- मिज़ोरम सीमा पर हमारे राज्य की संवैधानिक सीमा की रक्षा करते हुए असम पुलिस के छह बहादुर जवानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी है. मारे गए लोगों के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएँ हैं. “

दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ट्विटर एक दूसरे को जवाब दे रहे थे। अमस के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने लिखा,  “आदरणीय ज़ोरमाथांगा जी कोलासिब के पुलिस अधीक्षक कह रहे हैं कि जब तक हम हमारी पोस्ट से नहीं हटेंगे तब तक उनके नागरिक ना तो सुनेंगे और ना ही हिंसा बंद करेंगे. ऐसे में हम सरकार कैसे चला सकते हैं? आशा करते है कि आप जल्द ही इसमें हस्तक्षेप करेंगे।”

इसके जवाब मे मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथांगा ने लिखा, “प्रिय हिमंता जी, आदरणीय गृह मंत्री की ओर से बुलाई मुख्यमंत्रियों की बैठक के बाद हैरानी है कि असम पुलिस की दो कंपनियों और आम नागरिकों ने आज मिज़ोरम के अंदर नागरिकों पर लाठीचार्ज किया और आँसू गैस छोड़ी। यहाँ तक कि सीआरपीएफ़ के जवानों व मिज़ोरम पुलिस के पीछे भागे।“

असम व मिज़ोरम के बीच करीब 165 किलोमीटर साझा सीमा है। असम के करीमगंज, हैलाकांदी और कछार जबकि मिज़ोरम के आइजोल, कोलासिब और ममित ज़िले इसी 165 किलोमीटर सीमा के अंतर्गत आते है।

दो राज्यों के बीच सीमा विवाद मे हिंसक झड़प का यह पहला मामला है, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप करने को कहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *