पुलित्जर अवॉर्ड विजेता भारतीय फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीक़ी का सफ़र

रॉयटर्स के लिए काम कर रहे भारतीय फोटो जर्नलिस्ट  दानिश सिद्दीकी की 15 जुलाई को अफगानिस्तान के कंधार मे मौत हो गई। अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी फौज की वापसी के बाद अफगान फौज और तालिबान के बीच संघर्ष जारी है। दानिश सिद्दीक़ी अफ़ग़ानिस्तान मे तैनात थे और इसी संघर्ष की रिपोर्टिंग के दौरान कंधार मे उनकी मौत हो गई।  

2018 में पुलित्जर अवॉर्ड

दानिश सिद्दीक़ी को शानदार फोटोग्राफी के लिए जाना जाता था। 2018 में फीचर फोटोग्राफी श्रेणी में दानिश सिद्दकी की टीम को प्रतिष्ठित पुलित्जर अवॉर्ड मिला था। उन्हें यह अवॉर्ड रोहिंग्या शरणार्थी संकट की कवरेज के लिए मिला था। अफ़ग़ानिस्तान व इराक़ ज़ग के अलावा दानिश सिद्दीक़ी ने नेपाल मे आए भूकंप, हॉन्ग-कॉन्ग के विरोध प्रदर्शन व कोरोना महामारी को बेहतरीन तरीके से कवर किया था। इसके अलावा दानिश सिद्दीक़ी ने दिल्ली दंगे, कोरोना समय मे भारत में लोगों के दर्द को दुनिया को दिखाया।

शिक्षा और कैरियर

दानिश सिद्दीक़ी ने Fr. Agnel School दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। दिल्ली के प्रसिद्ध जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की। उसके बाद 2007 में जामिया के एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएशन किया था।

दानिश सिद्दीक़ी ने अपने पत्रकारिता की शुरूआत टीवी न्यूज रिपोर्टर के रुप मे की। 2010 में रॉयटर्स के साथ काम करना शुरू किया। दानिश भारत में रॉयटर्स पिक्चर्स की मल्टीमीडिया टीम के प्रमुख थे।

दानिश सिद्दीक़ी की आखिरी पोस्ट

दानिश ने 13 जुलाई को अपनी आखिरी पोस्ट मे अफ़ग़ानिस्तान के मौजूदा हालात के बारे मे बताया और लिखा

” बड़े धमाके के साथ गोलियों की बरसात हो रही है, अफ़गान कमांडो मारे गए हैं और उनकी बख्तरबंद गाड़ियां बर्बाद हो चुकी है जो बचे हैं वो सुरक्षित वाहनों की ओर दौड़ रहे हैं.”

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