राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को ओबीसी सूची बनाने का अधिकार मिला- संसद नें 127वां संविधान संशोधन विधेयक पारित किया

RAJYASABHA

नई दिल्ली। बुधवार को राज्यसभा में 127 वां संविधान संशोधन (Constitutional Amendment)  विधेयक पारित हो गया, लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पास हो चुका है. इस संविधान संशोधन विधेयक के पारित होने से अब राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची बनाने का अधिकार मिल जाएगा.इससे पहले यह शक्ति केन्द्र के पास थी. 9 अगस्त को लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने  127 वां संविधान संशोधन बिल,2021 पेश किया था.

संविधान के किस आर्टिकल में संशोधन

127वें संविधान संशोधन बिल से अब संविधान के आर्टिकल 338बी, 342ए और 366 में संशोधन हो सकेगा और राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पिछड़े वर्गों की सूची तैयार करने का अधिकार मिल जाएगा. 2022 में यूपी सहित पांच राज्यों के चुनाव में यह संविधान संशोधन राजनीतिक रुप से काफी अहम माना जा रहा है

सरकारी कंपनियों के निजीकरण में आरक्षण का प्रवधान खत्म

अगर किसी सरकारी कंपनी का निजीकरण होता है तो उस कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों को आरक्षण नहीं मिलेगा. कई संगठनों और सरकारी उपकर्मों के कर्मचारी संगठनों नें सरकार के फैसले का विरोध किया है.

ट्राइबल आर्मी के फाउंडर हंसराज मीणा ने ट्विटर पर कहा, “एससी,एसटी,ओबीसी वर्ग के लिए बेहद बुरी खबर है। केंद्र सरकार ने कहा कि सरकारी कंपनियों के निजीकरण के बाद वहां काम कर रहे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को आरक्षण का फायदा नहीं मिलेगा। सरकार का यह निर्णय संविधान व बहुजन वर्ग पर सीधा हमला है। असहनीय”

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